ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने उद्योगपति अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप पर बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने करीब 3,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर ली हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के आरोपों के तहत की गई है। ईडी का कहना है कि 2017 से 2019 के बीच यस बैंक ने अनिल अंबानी की कंपनियों को हजारों करोड़ रुपये के लोन दिए थे, जिन पैसों का इस्तेमाल तय मकसद के बजाय अन्य जगह किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ दस्तावेज़ पीछे की तारीखों में तैयार किए गए थे और कमजोर आर्थिक स्थिति वाली कंपनियों को भी लोन दिया गया।
ईडी ने जिन संपत्तियों को जब्त किया है, वे मुंबई, दिल्ली-नोएडा, पुणे, चेन्नई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में फैली हैं। इन संपत्तियों में ऑफिस, फ्लैट, प्लॉट और जमीनें शामिल हैं। यह कार्रवाई प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई है। एजेंसी का मानना है कि कंपनियों ने लोन की रकम को दूसरे देशों या अन्य खातों में ट्रांसफर किया, जिससे सरकार को नुकसान हुआ।
वहीं, अनिल अंबानी समूह का कहना है कि यह मामला पुराना है, और जिन कंपनियों पर कार्रवाई की गई है, वे समूह की मुख्य कंपनियां नहीं हैं। उनका कहना है कि वे जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। फिलहाल, ईडी की जांच जारी है और आगे पूछताछ के लिए कई अधिकारियों और संबंधित लोगों को बुलाया जा सकता है।
