जब चांद पृथ्वी के सबसे करीब आता है, तो उसे “सुपरमून” (Supermoon) कहा जाता है। इस समय चांद सामान्य दिनों की तुलना में थोड़ा बड़ा और ज्यादा चमकीला दिखाई देता है।
असल में, चांद की पृथ्वी के चारों ओर घूमने की कक्षा थोड़ी अंडाकार (oval) होती है। इसलिए कभी-कभी चांद पृथ्वी से दूर होता है, और कभी बहुत पास आ जाता है। जब वह सबसे पास आता है, तब वह लगभग 14% बड़ा और 30% ज्यादा चमकीला दिखाई देता है।
इसी नजदीकी की वजह से लोग कहते हैं – “वाह! आज चांद कितना खूबसूरत लग रहा है।”
सुपरमून के समय आसमान साफ हो तो यह दृश्य बेहद मनमोहक होता है। इसे नंगी आंखों से भी देखा जा सकता है, किसी टेलीस्कोप की जरूरत नहीं होती।
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह घटना हर साल 3–4 बार होती है, लेकिन हर बार इसकी तारीख और दूरी थोड़ी अलग होती है। इसलिए जब भी सुपरमून दिखाई दे, उसे देखना एक खास अनुभव माना जाता है।
