जर्मनी के पश्चिमी हिस्से में स्थित शहर Würselen में एक 44 वर्षीय पुरुष नर्स ने दिसंबर 2023 से मई 2024 के बीच अस्पताल में काम करते हुए 10 मरीजों की हत्या की और 27 अन्य की हत्या की कोशिश की।
अभियोजन के मुताबिक, इस नर्स ने मुख्य रूप से नाइट-शिफ्ट के समय काम का बोझ कम करने के लिए विरल खुराक के माध्यम से सेडेटिव्स (sedatives) और पेनकिलर्स (painkillers) जैसे मिडाज़ोलैम (midazolam) और मॉर्फिन (morphine) जैसी दवाओं का इस्तेमाल किया।
आरोपी नर्स ने 2020 से उसी अस्पताल में काम किया था और नर्सिंग प्रशिक्षण उसने 2007 में पूरा किया था।
अदालत ने अपराधों को “विशेष गंभीरता की पराई ज़िम्मेदारी” (particular severity of guilt) वाला माना है, जिस कारण उसे कम-से-कम 15 साल तक पूर्व-मुक्ति का विकल्प नहीं मिलेगा।
अतिरिक्त जांच चल रही है: अन्य संभावित पीड़ितों के लिए शरीर निकालकर (exhumations) परीक्षण हो रहे हैं।
यह मामला स्वास्थ्य-सेवा क्षेत्र में भरोसा, देखभाल-नीति और निगरानी प्रणाली (monitoring system) पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
नर्स पर आरोप है कि उन्होंने समय-समय पर “कम मेहनत करना” या “बोझ कम करना” प्राथमिक कारण बनाया — यह चिकित्सकीय आचरण (medical ethics) के लिए एक बड़ी विफलता है।
इस तरह के मामले यह दिखाते हैं कि अस्पताल में कर्मचारियों की मानसिक चुनौतियाँ, शिफ्ट-वर्क का भार और निगरानी की कमी किस तरह गंभीर परिणाम ला सकती हैं।
