बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिसमें करीब 3.7 करोड़ मतदाता अपने वोट डाल रहे हैं। इस चरण को बहुत अहम माना जा रहा है क्योंकि इसका असर राज्य की सत्ता के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। इस बार मुकाबला सिर्फ बीजेपी और आरजेडी के बीच नहीं है, बल्कि कई छोटे दल भी चुनावी गणित को प्रभावित कर सकते हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी की हो रही है, जो महागठबंधन की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।
तेजस्वी यादव इस चुनाव में महागठबंधन का मुख्य चेहरा हैं और युवा मतदाताओं में उनकी पकड़ मजबूत मानी जा रही है। अगर इस चरण में आरजेडी और उसके सहयोगी दलों का प्रदर्शन अच्छा रहता है, तो महागठबंधन को राज्य में बड़ी बढ़त मिल सकती है। वहीं, एनडीए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरी है और कोशिश कर रही है कि पहले चरण की तरह इस चरण में भी बढ़त बनाए रखे।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस चरण में जिन सीटों पर मतदान हो रहा है, वहां विकास, बेरोजगारी, शिक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। नतीजे यह तय करेंगे कि जनता बदलाव चाहती है या फिर मौजूदा सरकार पर भरोसा बरकरार रखेगी। इसलिए दूसरे चरण का मतदान तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी आरजेडी के लिए बहुत निर्णायक माना जा रहा है।
