बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी अपने देश की सेवा में लगा दी है। उन्होंने बताया कि उनका समर्पण आज भी उतना ही मजबूत है और वे अब भी देश के विकास और लोकतंत्र की मजबूती के लिए चिंतित हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वे अभी बांग्लादेश वापस नहीं लौटेंगी। हसीना के अनुसार, उनकी वापसी तभी संभव है जब देश में लोकतंत्र को पूरी तरह बहाल किया जाए।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में ऐसे चुनाव होने चाहिए जो स्वतंत्र, निष्पक्ष और सभी को बराबर भागीदारी देने वाले हों। उनका मानना है कि जब तक जनता को बिना दबाव के अपने नेताओं को चुनने का अधिकार नहीं मिलता, तब तक लोकतंत्र अधूरा है। हसीना ने यह भी मांग की कि उनकी पार्टी आवामी लीग पर लगी पाबंदियाँ हटाई जाएँ, ताकि राजनीतिक माहौल संतुलित और खुला हो सके।
शेख हसीना ने ज़ोर देकर कहा कि उनका लक्ष्य सत्ता में वापसी नहीं है, बल्कि देश में स्थिरता और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की जनता को एक ऐसा माहौल मिलना चाहिए जहाँ वे अपनी आवाज़ खुलकर रख सकें और देश की दिशा तय कर सकें।
