रूस ने यूक्रेन पर एक जबरदस्त ड्रोन-मिसाइल हमला किया है, जिसमें लगभग 476-500 ड्रोन और 48 मिसाइलें दागने का आरोप लगाया गया है।
यह हमला खासतौर पर ऊर्जा और ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर किया गया, जिससे कई हिस्सों में व्यापक बिजली कटौती (power outage) हो गई है।
हत्याएं और तबाही
इस हमले में पश्चिमी यूक्रेन के शहर टरनोपिल में दो आवासीय इमारतों को निशाना बनाया गया। एक घर की ऊपरी मंजिलें तबाह हो गईं, और उसमें कम से कम 25 लोग मारे गए, जिसमें 3 बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 73 लोग घायल बताए गए हैं।
यूक्रेन के आंतरिक मंत्री इखोर क्लिमेंको ने बताया कि “उच्च मंजिलों से आग और धुआं ऊपर की तरफ उठता गया, लोग बाहर निकलने का समय ही नहीं पा सके।”
ऊर्जा तंत्र पर बड़ा हमला
रूसी हमले का एक बड़ा हिस्सा ऊर्जा अवसंरचना को नष्ट करने पर केंद्रित था। बिजली सबस्टेशन और ट्रांसमिशन लाइनों को निशाना बनाकर, रूस ने सर्दियों की शुरुआत से पहले यूक्रेन की ऊर्जा व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की है।
यूक्रेन के अधिकारी इसे “ऊर्जा आतंकवाद” करार दे रहे हैं।
बिजली कटौती की वजह से कई शहरों में हीटिंग और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी असर पड़ा है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
राष्ट्रों ने इस हमले की निंदा की है, क्योंकि यह न सिर्फ सैन्य लक्ष्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नागरिकों और पे्रमाणु ऊर्जा संयंत्रों जैसी संवेदनशील सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि रूस का मकसद सरदी में यूक्रेन को “अंधेरे में धकेलना” है।
उधर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलेडिमिर ज़ेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से अधिक एयर-डिफेंस सपोर्ट की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हमलों की रोकथाम की जा सके।
