पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में निजी आवासीय परिसरों के अंदर मतदान केंद्र बनाए जाने के कथित प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ऐसे निजी स्थानों पर बूथ बनाना चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए सही नहीं है। ममता बनर्जी के अनुसार, जब मतदान केंद्र किसी हाउसिंग सोसाइटी या निजी परिसर के अंदर बनाए जाते हैं, तो वहां रहने वाले लोगों या प्रबंधन का अनजाने में भी प्रभाव पड़ सकता है। इससे मतदाताओं को वोट डालने में दबाव महसूस हो सकता है और चुनाव की स्वतंत्रता पर सवाल उठ सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के स्थापित नियमों के अनुसार मतदान केंद्र ऐसे स्थानों पर बनाए जाने चाहिए जो पूरी तरह सार्वजनिक हों, जहाँ हर नागरिक बिना किसी रोक-टोक और बिना किसी वातावरण के दबाव के पहुँच सके। निजी परिसरों में बने बूथ इस मानदंड का उल्लंघन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि यदि ऐसी व्यवस्था लागू की गई तो कई मतदाता असहज महसूस करेंगे और मतदान प्रतिशत पर भी इसका असर पड़ सकता है।
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि वह इस कथित प्रस्ताव पर पुनर्विचार करे और मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर ही बूथ स्थापित किए जाएँ।
