दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का हाल ही में निधन हो गया, लेकिन उनका जीवन हमेशा चर्चाओं में रहेगा। फिल्मों की दुनिया में अपार सफलता पाने के बाद जब धर्मेंद्र ने 2004 में राजस्थान के बीकानेर से चुनाव लड़कर राजनीति में कदम रखा, तो उनका सफर आसान नहीं था। लोगों को लगा था कि उनकी लोकप्रियता उन्हें राजनीति में भी मजबूत बनाएगी, लेकिन वास्तविकता इससे अलग निकली। संसद में उनकी कम मौजूदगी और कुछ बयानों को लेकर वे कई बार विवादों में आए।
राजनीति में आने के बाद वे लगातार आलोचना का सामना करते रहे। कई बार उनके विरोधियों ने उन पर सिर्फ नाम और प्रसिद्धि के दम पर राजनीति करने के आरोप लगाए। वहीं चुनाव जीतने के बावजूद वे सक्रिय राजनीति से थोड़े दूर ही दिखाई दिए, जिससे लोगों ने उनकी भूमिका पर सवाल उठाए।
इसके बावजूद धर्मेंद्र का राजनीतिक कदम हमेशा चर्चा का विषय बना रहा। एक सुपरस्टार से नेता बनने की उनकी यात्रा ने दिखाया कि प्रसिद्धि हमेशा राजनीति में सफलता नहीं देती। उनके जीवन का यह अध्याय विवादों के बावजूद याद किया जाएगा, क्योंकि उन्होंने एक नई राह चुनने की हिम्मत दिखाई। फिल्मों, निजी जीवन और राजनीति से घिरी उनकी कहानी आने वाले समय में भी लोगों को आकर्षित करती रहेगी।
