उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली देसी अंडे बनाने और बेचने के रैकेट का पर्दाफाश किया है। विभाग की टीम ने छापा मारकर एक गोदाम से 80,000 से अधिक अंडे जब्त किए, जिनमें करीब 45,360 रंगे हुए अंडे और 35,640 सामान्य सफेद अंडे शामिल थे। जांच में सामने आया कि ये अंडे साधारण फार्म वाले थे, जिन्हें आर्टिफिशियल रंग और पॉलिश की मदद से देसी अंडे जैसा दिखाया जा रहा था, ताकि उन्हें ऊँचे दामों पर बाजार में बेचा जा सके।
खाद्य सुरक्षा विभाग को इस फर्जीवाड़े की शिकायत पिछले कुछ दिनों से मिल रही थी। इसके बाद टीम ने करीब दो हफ्ते तक निगरानी रखी और फिर गोदाम में छापा मारा। छापेमारी में रंग, केमिकल, ब्रश, पॉलिशिंग सामग्री और पैकिंग का सामान भी बरामद हुआ। गोदाम को सील कर दिया गया है और संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, अंडों को देसी दिखाने के लिए भूरे, नारंगी और गहरे रंगों का प्रयोग किया जा रहा था। कई अंडों पर चमक बनाने के लिए रसायन भी लगाए जा रहे थे, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे रसायन शरीर में जाकर किडनी, लिवर और पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस वजह से यह सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी नहीं बल्कि उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ भी है।
इसके अलावा, टीम ने बताया कि इन नकली देसी अंडों की सप्लाई मुरादाबाद के साथ-साथ आसपास के जिलों में भी की जा रही थी। विभाग अब इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है कि आखिर कितने लोग इसमें शामिल हैं और यह रैकेट कितने समय से सक्रिय था।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से अपील की है कि बाजार में असामान्य रूप से गहरे रंग या पॉलिश लगे अंडों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की शिकायत तुरंत विभाग को दें।
