नूंह के तावडू क्षेत्र में सामने आए पाक जासूसी नेटवर्क मामले में एक और बड़ा नाम जुड़ गया है। डॉक्टर के बाद अब वकील की एंट्री ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। एडवोकेट रिजवान खान से जुड़े उसके नजदीकी सहयोगी मुशर्रफ को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि मुशर्रफ पर भी संवेदनशील जानकारी गलत हाथों तक पहुंचाने का संदेह है।
पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठानों, सेना की गतिविधियों और महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं से जुड़े इनपुट पाकिस्तान तक भेजने में शामिल था। डॉक्टर की गिरफ्तारी के बाद जब एजेंसियों ने जांच का दायरा बढ़ाया, तो कई डिजिटल ट्रेल्स और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए रिजवान खान के संपर्कों का खुलासा हुआ, जिसमें मुशर्रफ का नाम प्रमुख रूप से सामने आया।
सूत्रों का कहना है कि मुशर्रफ के फोन से कई संदिग्ध नंबरों पर कॉल और चैट्स मिली हैं। एजेंसियों को शक है कि वह रिजवान खान के लिए स्थानीय स्तर पर जानकारी एकत्र करने और संदिग्ध व्यक्तियों तक संदेश पहुंचाने का काम करता था। फिलहाल उसके घर से बरामद कई दस्तावेज, एक मोबाइल फोन और एक लैपटॉप को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
इस मामले में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और अगले कुछ दिनों में और गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है। मामले ने हरियाणा से लेकर दिल्ली-NCR तक सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क काफी समय से एक्टिव था और धीरे-धीरे कई राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा था।
जांच अधिकारी का कहना है कि वकील और डॉक्टर जैसे पेशेवरों का इस तरह के नेटवर्क में शामिल होना बेहद चिंताजनक है, क्योंकि ऐसे लोग आसानी से सामान्य निगरानी से बच जाते हैं और कई जगहों तक पहुंच बनाकर संवेदनशील जानकारी जुटा लेते हैं।
