यह बयान किसी खेल से जुड़ा हुआ लगता है, जहां प्रिंस (खिलाड़ी या कप्तान/कोच) ने माना है कि दो बड़े प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों की मौजूदगी से भारत की चुनौती और कड़ी हो जाएगी। प्रिंस ने साफ कहा कि जब भी ये दोनों मैदान पर होते हैं, तो मुकाबला आसान नहीं रहता, क्योंकि वे अनुभवी हैं और खेल का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है, यानी टीम में नए खिलाड़ी आ रहे हैं, रणनीति बदली जा रही है और तालमेल पूरी तरह सेट होने में अभी समय लगेगा। ऐसे में मजबूत प्रतिद्वंद्वी का सामना करना टीम के लिए अतिरिक्त दबाव बन सकता है।
प्रिंस के अनुसार, भारत के पास प्रतिभा और क्षमता है, लेकिन इस समय टीम को स्थिरता (consistency) और एकजुट प्रदर्शन की सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने फैंस से धैर्य रखने की अपील की और कहा कि टीम धीरे-धीरे बेहतर लय पकड़ लेगी, लेकिन आने वाला मुकाबला कठिन परीक्षा जैसा होगा।
