अपहरण–फिरौती केस: 3 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने नहीं दिखाई नरमी

ग्रेटर नोएडा की जिला अदालत ने 15 साल पुराने अपहरण और 40 लाख की फिरौती मांगने के मामले में सोनू कश्यप, शिव कुमार और रिड़कू को उम्रकैद की सजा दी है। घटना 27 अप्रैल 2010 की है। सेक्टर-24 कोतवाली क्षेत्र में शिकायतकर्ता की दो वर्षीय बेटी घर के बाहर खेल रही थी। तभी उसकी मौसी का नाबालिग बेटा (मौसेरा भाई) बच्ची को नीचे लेकर चला गया और वापस नहीं लौटा। परिवार ने कॉल किया, लेकिन मोबाइल बंद मिला। काफी तलाश के बाद परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज कराई।

28 अप्रैल 2010 की सुबह घर के लैंडलाइन पर फोन आया। कॉलर ने धमकी दी कि बच्ची उनके कब्जे में है, 40 लाख दो, वरना उसे मार देंगे। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने जांच कर 5 में से 4 को आरोपी बनाया, लेकिन 2014 में एक आरोपी (दिनेश) की मौत हो गई और उसकी सुनवाई खत्म हो गई। मौसी का बेटा घटना के समय किशोर था, इसलिए उसका केस बाल न्याय बोर्ड भेजा गया।

अदालत ने बाकी तीनों को धारा-364ए में आजीवन कारावास और 25-25 हजार जुर्माना, धारा-506 में 2-2 साल की सजा व 5-5 हजार जुर्माना लगाया। सजाएं एक साथ चलेंगी। कोर्ट ने कहा—मासूम की जिंदगी से खिलवाड़ पर नरमी संभव नहीं।

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