गबिसरख थाना पुलिस ने सट्टा में पैसा लगाकर रकम दोगुनी करने का लालच देने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से दो लग्जरी कारें, 5.75 लाख रुपये नकद, रुपये गिनने की मशीन, छह मोबाइल, फर्जी आधार कार्ड और नोटनुमा कागज से भरे तीन ट्रॉली बैग बरामद किए गए।
डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया..
आरोपियों में शुभम तिवारी (जौनपुर), नवीन सिंह (बस्ती), इंद्रमणि और चंचल (बिहार), गौरव गुप्ता (ग्रेटर नोएडा) और रितेश शामिल हैं। गिरोह तब पकड़ा गया जब गाजियाबाद की दीपिका अग्रवाल ने शिकायत दी कि उनके जीजा विशाल अग्रवाल को ‘सोनू यादव’ नाम का शख्स ने पैसे दोगुना करने का लालच देकर करीब 16.50 लाख रुपये ऐंठ लिए।
पीड़ित पक्ष के मुताबिक…
सोनू यादव ने उन्हें गौड़ सिटी मॉल पर बुलाया, फिर अपनी कार में बैठाकर सेंचुरियन टेरेसा होम्स सोसायटी ले गया, जहाँ उसके साथी पहले से मौजूद थे। वहां आरोपियों ने पैसे लेने के बाद एक बैग थमा दिया जिसमें गड्डियों के ऊपर एक असली नोट था, जबकि बाकी पूरा बैग कागज की गड्डियों से भरा हुआ निकला।
जांच में पता चला कि यह गिरोह किराए पर लिए गए फ्लैट में एक खास ‘तख्त’ का इस्तेमाल करता था, जिसमें छुपा हुआ छेद बनाया गया था। तख्त के नीचे बैठा व्यक्ति असली नोटों की गड्डियां हटाकर उनकी जगह कागज की गड्डियां रख देता था। ऊपर बैठा आरोपी दिखावे के लिए मशीन से नोट गिनता और बैग पैक कर पीड़ित को सौंप देता था, लेकिन सामने वाला पूरे खेल को समझ नहीं पाता था। ठगी को सफल बनाने के लिए आरोपी पीड़ित को नोट गिनने नहीं देते थे और बैग खुद लॉक कर देते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह अलग-अलग फ्लैटों का इस्तेमाल करके हर बार ठगी के बाद तुरंत फरार हो जाता था। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और पिछले मामलों की भी जांच कर रही है।
