मनरेगा की जगह मोदी सरकार की ‘विकसित भारत’ से जुड़ी नई योजना को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सरकार का कहना है कि वह मनरेगा जैसी योजना की जगह ऐसी स्कीम लाना चाहती है, जिसमें लोगों को केवल मजदूरी नहीं बल्कि काम के साथ हुनर, प्रशिक्षण और स्थायी रोजगार के मौके मिलें। सरकार इसे देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में जरूरी कदम बता रही है।
वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार पर हमलावर है। विपक्ष का आरोप है कि मनरेगा गरीब और ग्रामीण लोगों के लिए रोजगार का सबसे बड़ा सहारा है और अगर इसे कमजोर या खत्म किया गया तो लाखों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी। विपक्ष यह भी कह रहा है कि नई योजना को लेकर सरकार ने साफ जानकारी नहीं दी है और यह गरीबों के हक पर चोट करने जैसा है। इसी वजह से मनरेगा और नई योजना को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है।
