नए साल के स्वागत को लेकर लोग अभी से तैयारियों में जुटे हैं। 31 दिसंबर की रात को बड़ी संख्या में लोग पार्टियों और जश्न का आयोजन करते हैं। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति या संस्था शराब पार्टी आयोजित करने की योजना बना रही है, तो उसे आबकारी विभाग से अस्थायी (टेंपरेरी) लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। बिना लाइसेंस शराब परोसने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हर साल दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में लोग नए साल का जश्न मनाने के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा आते हैं। पब, बार, क्लब, होटल, फार्म हाउस, मैरिज हॉल, कम्युनिटी सेंटर, रेस्टोरेंट और सोसाइटी क्लबों में खास पार्टियां आयोजित होती हैं। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि ऐसे सभी आयोजनों के लिए विभाग से एफएल-11 (अकेजनल लाइसेंस) लेना जरूरी है। इस दौरान केवल उत्तर प्रदेश में मान्य शराब ही परोसी जा सकेगी।
लाइसेंस की फीस आयोजन स्थल के अनुसार तय की गई है, जो चार हजार से लेकर 11 हजार रुपये तक है। यदि कोई व्यक्ति अपने घर पर भी शराब पार्टी आयोजित करता है, तो उसे भी चार हजार रुपये शुल्क देकर लाइसेंस लेना होगा।
आबकारी विभाग ने नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए विशेष टीमें बनाई हैं, जो लगातार निरीक्षण करेंगी। बिना लाइसेंस या दूसरे राज्यों की शराब परोसते पाए जाने पर आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें जेल भी भेजा जा सकता है।
