पहले दिन 61 हजार PUCC जारी, 3700 वाहनों के चालान—दिल्ली में पॉल्यूशन कंट्रोल सख्ती का दिखा असर

दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सरकार और प्रशासन ने पॉल्यूशन कंट्रोल को लेकर सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, जिसका असर पहले ही दिन साफ नजर आया। ‘नो PUCC, नो फ्यूल’ अभियान के तहत राजधानी में बड़े पैमाने पर वाहन जांच की गई। अधिकारियों के मुताबिक, पहले ही दिन करीब 5,000 वाहनों की जांच की गई, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वाले 3,700 वाहनों के चालान काटे गए। इसके साथ ही रिकॉर्ड 61,000 से ज्यादा PUCC (Pollution Under Control Certificate) जारी किए गए।

यह कार्रवाई GRAP-4 लागू होने के बाद तेज की गई है, जब दिल्ली की हवा ‘गंभीर’ और ‘अति गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई। अभियान के तहत ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी एजेंसियां मिलकर सड़कों पर उतरीं। जिन वाहनों के पास वैध PUCC नहीं था, उन्हें न सिर्फ चालान किया गया, बल्कि कई मामलों में फ्यूल देने से भी इनकार किया गया। सरकार का साफ संदेश है कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ अब कोई ढील नहीं दी जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि इस सख्ती का मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और जिम्मेदार बनाना है। बड़ी संख्या में PUCC जारी होना इस बात का संकेत है कि वाहन मालिक अब नियमों को गंभीरता से ले रहे हैं। खासतौर पर पुराने और अधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर पहले से ही सख्त पाबंदियां लागू हैं।

सरकार का मानना है कि अगर इसी तरह लगातार जांच और कार्रवाई होती रही, तो प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे अपने वाहनों की नियमित जांच कराएं, PUCC अपडेट रखें और अनावश्यक रूप से वाहन चलाने से बचें। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रैफिक और वाहनों से निकलने वाला धुआं दिल्ली के प्रदूषण का एक बड़ा कारण है, इसलिए इस तरह के अभियान बेहद जरूरी हैं। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जा सकता है।

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