ट्रांसपोर्टर की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने माना कि आरोपी ने सोची-समझी साजिश के तहत ट्रांसपोर्टर की हत्या की और बाद में अपराध के सबूत मिटाने के लिए शव को नहर में फेंक दिया। लेकिन पुलिस की सतर्क जांच के कारण आरोपी की यह कोशिश नाकाम हो गई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी ने घटना को हादसा दिखाने की कोशिश की। पुलिस को जब शक हुआ तो मामले की गहन जांच की गई। जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल, गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी सबूत जुटाए गए, जिससे आरोपी की भूमिका साफ हो गई। बाद में नहर से शव बरामद होने पर मामला पूरी तरह खुल गया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध बेहद गंभीर है और समाज पर इसका गलत असर पड़ता है। इसलिए आरोपी को उम्रकैद की सजा के साथ-साथ जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे अपराधों में सख्त सजा जरूरी है ताकि भविष्य में कोई इस तरह की वारदात करने की हिम्मत न करे।
