‘स्वर्ग का दरवाजा खुल गया, काश वो मर जाएं…’ क्रिसमस पर जेलेंस्की ने पुतिन की मौत की दुआ क्यों मांगी?

यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध के बीच क्रिसमस के मौके पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का एक बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी चर्चा का विषय बन गया है। जेलेंस्की ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि “स्वर्ग का दरवाजा खुल गया है, काश वे मर जाएं।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब क्रिसमस के दिन भी रूस-यूक्रेन युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा और दोनों देशों के बीच हमले जारी हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रिसमस के दिन रूस ने यूक्रेन के कई इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे आम नागरिकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। यूक्रेन का आरोप है कि त्योहार के दिन भी रूस ने रिहायशी इलाकों, ऊर्जा ढांचे और अहम ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में कई लोग घायल हुए, जबकि बिजली और पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई। इसी पृष्ठभूमि में जेलेंस्की का गुस्सा सार्वजनिक रूप से सामने आया।

जेलेंस्की ने अपने संबोधन में कहा कि रूस के हमले सिर्फ सैन्य ठिकानों पर नहीं, बल्कि आम लोगों की जिंदगी पर सीधा हमला हैं। उन्होंने पुतिन पर मानवता विरोधी अपराधों का आरोप लगाते हुए कहा कि जो व्यक्ति निर्दोष लोगों की जान लेता है, उसके लिए किसी तरह की सहानुभूति नहीं हो सकती। जेलेंस्की का यह बयान भावनात्मक होने के साथ-साथ युद्ध से उपजे गहरे आक्रोश को भी दर्शाता है।

हालांकि, जेलेंस्की के इस बयान पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी मिली-जुली रही है। कुछ लोगों ने इसे युद्ध की भयावहता और पीड़ा से उपजा स्वाभाविक गुस्सा बताया, वहीं कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की भाषा कूटनीतिक स्तर पर तनाव को और बढ़ा सकती है। इसके बावजूद, यूक्रेन सरकार का रुख साफ है कि जब तक रूस अपने हमले नहीं रोकता, तब तक कड़े बयान और प्रतिरोध जारी रहेगा।

गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध को अब कई साल हो चुके हैं और इसके बावजूद शांति की कोई ठोस राह नजर नहीं आ रही। क्रिसमस जैसे धार्मिक और शांति के प्रतीक दिन पर भी हमलों का जारी रहना इस संघर्ष की गंभीरता को उजागर करता है। जेलेंस्की का बयान इसी निरंतर हिंसा और पीड़ा की एक कड़वी अभिव्यक्ति माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *