कांग्रेस नेता शशि थरूर ने प्रधानमंत्री को लेकर एक बयान दिया है, जिस पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री की हार को भारत की हार के तौर पर देखा जाएगा। उन्होंने यह बात देश की अंतरराष्ट्रीय छवि और सम्मान से जोड़ते हुए कही।
शशि थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री सिर्फ एक व्यक्ति नहीं होते, बल्कि वे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। जब प्रधानमंत्री विदेश जाते हैं या अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बोलते हैं, तो पूरी दुनिया उन्हें भारत के रूप में देखती है। ऐसे में अगर प्रधानमंत्री कमजोर पड़ते हैं या हारते हैं, तो इसका असर देश की साख पर भी पड़ता है।
थरूर ने आगे कहा कि भारत एक बड़ा और मजबूत लोकतांत्रिक देश है और यहां राजनीतिक मतभेद होना सामान्य बात है। लेकिन देश के प्रधानमंत्री के पद की गरिमा और सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन देश की छवि को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे देशहित में दिया गया बयान बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक बयान मान रहे हैं। फिलहाल, शशि थरूर के इस बयान ने राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
शशि थरूर का बयान: प्रधानमंत्री की हार को भारत की हार बताया, देश की छवि पर असर की चिंता
