ताइवान एक बार फिर भीषण भूकंप की चपेट में आ गया। शनिवार देर रात ताइवान के उत्तर-पूर्वी तट के पास आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.0 मापी गई। तेज झटकों से राजधानी ताइपेई समेत कई बड़े शहरों में गगनचुंबी इमारतें हिल गईं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। भूकंप इतना शक्तिशाली था कि लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए।
ताइवान की मौसम और भूकंप निगरानी एजेंसी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र यिलान (Yilan) के पास समुद्र में स्थित था और इसकी गहराई कम होने के कारण झटके ज्यादा महसूस किए गए। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, भूकंप के बाद कुछ इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित हुईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि खबर लिखे जाने तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
भूकंप के झटकों के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं। फायर ब्रिगेड, पुलिस और राहत टीमें संवेदनशील इलाकों में भेजी गईं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। कई इमारतों को एहतियातन खाली कराया गया और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई। विशेषज्ञों ने अगले कुछ घंटों में आफ्टरशॉक्स की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।
ताइवान भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है क्योंकि यह पैसिफिक रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है। यहां अक्सर मध्यम से लेकर तेज तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। इससे पहले भी ताइवान में आए भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है, जिस कारण यहां की इमारतें भूकंपरोधी तकनीक से बनाई जाती हैं। बावजूद इसके, 7 तीव्रता का भूकंप हमेशा खतरे की घंटी माना जाता है।
फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। भूकंप की इस घटना ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति तैयारी और जागरूकता की जरूरत को रेखांकित कर दिया है।
