भारत द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पहली बार पाकिस्तान की ओर से बड़ा और चौंकाने वाला बयान सामने आया है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया है कि भारतीय हमले में पाकिस्तान का एक अहम एयरबेस गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ था और इस हमले में कई पाकिस्तानी जवान घायल भी हुए थे। डार का यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सैन्य क्षमता और रणनीतिक मजबूती को एक बार फिर उजागर करता है।
इशाक डार ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि भारत की ओर से की गई कार्रवाई बेहद सटीक और योजनाबद्ध थी। उन्होंने माना कि नूर खान एयरबेस (Nur Khan Airbase) को भारी नुकसान पहुंचा था, जिससे पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों पर भी असर पड़ा। हालांकि पाकिस्तान लंबे समय से इस हमले को लेकर आधिकारिक तौर पर चुप्पी साधे हुए था, लेकिन अब इस कबूलनामे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर अब तक इस सच्चाई को क्यों छिपाया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की सर्जिकल और एयर स्ट्राइक रणनीति का हिस्सा था, जिसका मकसद आतंकी ठिकानों और सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना था। इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान को न सिर्फ सैन्य नुकसान झेलना पड़ा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उसे आलोचना का सामना करना पड़ा। डार का बयान इस बात का संकेत है कि भारत की कार्रवाई का असर गहराई तक गया था।
भारत सरकार की ओर से हालांकि इस ऑपरेशन पर आधिकारिक रूप से ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई थी, लेकिन पाकिस्तान के इस कबूलनामे के बाद भारत की स्थिति और मजबूत हो गई है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह बयान आने वाले समय में भारत-पाकिस्तान संबंधों और कूटनीतिक चर्चाओं पर भी असर डाल सकता है। साथ ही यह संदेश भी देता है कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।
कुल मिलाकर, पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री का यह बयान न सिर्फ एक राजनीतिक स्वीकारोक्ति है, बल्कि यह भी दिखाता है कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुश्मन देश को किस हद तक झकझोर दिया था।
