राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर हवा बेहद जहरीली हो गई है। रविवार को राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 के पार पहुंच गया, जिससे दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गई। वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ से भी नीचे खतरनाक स्तर पर दर्ज की गई। प्रदूषण के साथ-साथ मौसम विभाग ने घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे आम जनजीवन, यातायात और स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों—आनंद विहार, अशोक विहार, जहांगीरपुरी और बवाना—में AQI 500 से ऊपर दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि कम हवा की रफ्तार, तापमान में गिरावट, वाहनों का धुआं और पराली के अवशेष मिलकर प्रदूषण को और बढ़ा रहे हैं। हालात को देखते हुए दिल्ली-NCR में पहले से लागू GRAP-4 के तहत कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर रोक, डीजल वाहनों पर सख्ती और औद्योगिक उत्सर्जन पर निगरानी तेज कर दी गई है।
वहीं भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी और आसपास के इलाकों में घने से बेहद घने कोहरे की चेतावनी दी है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि दृश्यता बेहद कम हो सकती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित रहेगा। कई इलाकों में सुबह के समय विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को घर के अंदर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, AQI 500 से ऊपर होना आपातकालीन स्थिति के बराबर है। इससे आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत, सिरदर्द और हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने मास्क पहनने, एयर प्यूरीफायर के उपयोग और शारीरिक गतिविधियों को सीमित करने की सलाह दी है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें और प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन करें।
दिल्ली में प्रदूषण और कोहरे की यह दोहरी मार एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि स्थायी समाधान कब निकलेगा। फिलहाल राजधानी को साफ हवा के लिए मौसम के बदलाव और सख्त प्रशासनिक कदमों का इंतजार है।
