भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को लेकर पाकिस्तान से एक चौंकाने वाला बयान सामने आया है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक ने दावा किया है कि बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान उनकी जयशंकर से मुलाकात हुई थी। अयाज सादिक के मुताबिक, इस मुलाकात में विदेश मंत्री जयशंकर खुद उनके पास आए और मुस्कुराते हुए उनसे हाथ मिलाया। पाकिस्तानी स्पीकर के इस बयान के बाद दक्षिण एशियाई कूटनीति को लेकर नई चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अयाज सादिक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ढाका में आयोजित एक बहुपक्षीय बैठक के दौरान दोनों नेताओं की आमने-सामने मुलाकात हुई। उन्होंने बताया कि बातचीत बेहद औपचारिक और शिष्टाचारपूर्ण थी। सादिक के अनुसार, जयशंकर का व्यवहार सकारात्मक था और किसी भी तरह का तनाव नजर नहीं आया। हालांकि, इस दौरान किसी द्विपक्षीय मुद्दे या राजनीतिक एजेंडे पर चर्चा नहीं हुई, लेकिन यह मुलाकात प्रतीकात्मक रूप से अहम मानी जा रही है।
भारत और पाकिस्तान के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। कश्मीर मुद्दा, सीमा पार आतंकवाद और राजनयिक संबंधों में ठहराव के चलते दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच सीधी बातचीत बहुत कम देखने को मिलती है। ऐसे में पाकिस्तानी स्पीकर का यह दावा इसलिए भी सुर्खियों में है, क्योंकि बीते कुछ वर्षों में भारत की ओर से यह साफ रुख रहा है कि आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते।
इस बयान पर भारत सरकार या विदेश मंत्रालय की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नेताओं के बीच शिष्टाचार मुलाकातें आम बात हैं और इन्हें औपचारिक बातचीत या रिश्तों में सुधार के संकेत के रूप में देखना जल्दबाजी हो सकती है। हालांकि, पाकिस्तान में इस दावे को भारत-पाक संबंधों में संभावित नरमी के रूप में पेश किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की विदेश नीति स्पष्ट और सुसंगत रही है। जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक किसी भी स्तर पर औपचारिक बातचीत की संभावना कम है। बावजूद इसके, ढाका में हुई इस कथित मुलाकात ने एक बार फिर दोनों देशों
