करीब दो महीने के लंबे इंतजार के बाद श्रेयस अय्यर की टीम इंडिया में वापसी हो गई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के लिए बीसीसीआई ने 15 सदस्यीय भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है, जिसमें श्रेयस अय्यर का नाम भी शामिल है। हालांकि, चयन के साथ ही बीसीसीआई ने उनके खेलने को लेकर एक अहम शर्त भी रखी है, जिस पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।
दरअसल, श्रेयस अय्यर हाल के महीनों में फिटनेस और प्रदर्शन को लेकर चर्चा में रहे हैं। पीठ की चोट से उबरने के बाद वह पूरी तरह फिट बताए जा रहे हैं, लेकिन बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। इसी वजह से बोर्ड ने साफ किया है कि श्रेयस अय्यर को प्लेइंग इलेवन में तभी मौका मिलेगा, जब वह मेडिकल और फिटनेस टेस्ट में पूरी तरह पास होंगे। यानी टीम में वापसी के बावजूद उनका मैदान पर उतरना फिटनेस क्लियरेंस पर निर्भर करेगा।
सूत्रों के मुताबिक, बीसीसीआई की मेडिकल टीम लगातार श्रेयस अय्यर की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। नेट सेशन और प्रैक्टिस मैचों में उनके प्रदर्शन के साथ-साथ यह भी देखा जाएगा कि वह लंबे समय तक बल्लेबाजी और फील्डिंग करने में कितने सहज हैं। बोर्ड का मानना है कि किसी भी खिलाड़ी की जल्दबाजी में वापसी भविष्य में बड़ी चोट का कारण बन सकती है।
श्रेयस अय्यर भारतीय मध्यक्रम के अहम बल्लेबाज माने जाते हैं। वनडे क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है और उन्होंने कई मौकों पर टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाला है। उनकी वापसी से टीम इंडिया के बल्लेबाजी क्रम को मजबूती मिलने की उम्मीद है, खासकर ऐसे समय में जब न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सीरीज खेली जानी है।
फैंस भी श्रेयस अय्यर की वापसी को लेकर काफी उत्साहित हैं। सोशल मीडिया पर उनके चयन की खबर आते ही प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। हालांकि, अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि क्या वह बीसीसीआई की शर्तों पर खरे उतरते हैं और प्लेइंग इलेवन में जगह बना पाते हैं या नहीं।
कुल मिलाकर, श्रेयस अय्यर की टीम में वापसी भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन बीसीसीआई की फिटनेस शर्त यह साफ करती है कि अब चयन सिर्फ नाम नहीं, बल्कि पूरी तैयारी और फिटनेस के आधार पर होगा।
