Al-Falah University के संस्थापक ED द्वारा गिरफ्तार, फंडिंग में Red Fort Blast से जुड़े होने की जांच शुरू

अल-फालाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी पर Enforcement Directorate (ED) ने मनी-लॉन्ड्रिंग के आरोपों में जांच तेज कर दी है। सरकार ने यूनिवर्सिटी के सारे वित्तीय रिकॉर्ड्स का फोरेंसिक ऑडिट कराने का आदेश दिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि विश्वविद्यालय की फंडिंग में अनियमितताएं हैं या नहीं।

ED का संदेह है कि विश्वविद्यालय के चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा विदेशी और अन्य स्रोतों से मिले फंड का एक हिस्सा गलत तरीके से उपयोग किया गया हो सकता है।

जांच एजेंसियों ने यह भी पाया है कि सिद्दीकी का “कॉरपोरेट नेटवर्क” बहुत बड़ा है — उनके नाम पर नौ कंपनियां हैं, जो शिक्षा, सॉफ़्टवेयर, वित्त और ऊर्जा के क्षेत्र में काम करती हैं।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उन्हें Red Fort कार ब्लास्ट की जांच में समन भेजा है, क्योंकि ब्लास्ट के आरोपी डॉक्टरों में से कुछ उसी यूनिवर्सिटी में काम करते थे।

ED यह भी देख रही है कि क्या विश्वविद्यालय के फंड का एक हिस्सा विस्फोट जैसी आतंकी घटनाओं से जुड़ा हो — यानी कि Red Fort ब्लास्ट की योजना में आर्थिक मदद मिली हो।

यूनिवर्सिटी पर पहले से ही धोखाधड़ी (cheating) और फर्ज़ी दस्तावेजों के आरोप हैं — UGC और NAAC ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं।

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