BCCI गौतम गंभीर के हालिया बयान से इसलिए नाराज़ है क्योंकि बोर्ड को लगा कि टीम की हार के बाद उन्होंने पिच और प्रदर्शन को लेकर सीधा आरोप लगाने जैसा लहज़ा इस्तेमाल किया। जब भारत साउथ अफ्रीका से 0-2 से टेस्ट सीरीज हारा, तब गंभीर ने ईडन गार्डन्स की पिच की आलोचना की और कहा कि ऐसी पिचें टीम के लिए मददगार नहीं हैं। अधिकारियों को यह टिप्पणी उचित नहीं लगी क्योंकि इससे क्रिकेट बोर्ड और पिच क्यूरेटर पर सवाल उठे और अनावश्यक विवाद खड़ा हुआ। BCCI चाहता है कि टीम हार की जिम्मेदारी सामूहिक रूप से ले, न कि पिच या किसी एक पक्ष को दोष दिया जाए। बोर्ड को गंभीर की भाषा और बोलने का तरीका भी थोड़ा सख्त और विरोधी जैसा लगा, जिससे यह संदेश गया कि वह बोर्ड की रणनीति से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। हालांकि, BCCI ने अभी तक उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की क्योंकि अगले साल ICC T20 World Cup 2026 को देखते हुए बोर्ड स्थिरता बनाए रखना चाहता है और व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में उनका योगदान भी मजबूत माना जाता है।
BCCI गंभीर से नाराज़: पिच पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद, पर T20 वर्ल्ड कप से पहले कार्रवाई टली
