हाल ही में SIR (राज्य सूचना रिपोर्ट / वरिष्ठ प्रशासनिक समीक्षा) की बैठक के बाद चुनाव आयोग (EC) ने बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO और निर्वाचन ड्यूटी पर तैनात स्टाफ) को लेकर सख्त आदेश जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट कहा कि चुनावी प्रक्रिया में तैनात किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को धमकी देना, डराना, दबाव बनाना या उन्हें किसी भी तरीके से प्रभावित करना पूरी तरह अवैध और दंडनीय है। आयोग को शिकायतें मिली थीं कि कुछ जगहों पर उम्मीदवारों, समर्थकों या प्रभावशाली लोगों द्वारा बूथ अधिकारियों को धमकाने और अपने पक्ष में काम करने का दबाव दिया जा रहा है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए EC ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को निर्देश दिया कि वे बूथ कर्मियों के काम में हस्तक्षेप ना करें, ना उन्हें अपनी विचारधारा के लिए मजबूर करें और ना किसी मतदाता सूची, बूथ गतिविधि या मतदान कार्य को प्रभावित करने की कोशिश करें। चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि BLO और बूथ स्टाफ निष्पक्षता से काम करें और यदि किसी भी तरह का दबाव या धमकी मिले, तो तुरंत जिला प्रशासन या आयोग की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। आयोग ने चेतावनी दी कि नियम तोड़ने वालों पर FIR, कार्रवाई और चुनावी अयोग्यता तक लगाई जा सकती है। EC का उद्देश्य है कि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और बिना डर के संपन्न हो, ताकि लोकतंत्र में जनता की असली आवाज सुरक्षित रहे।
SIR बैठक के बाद चुनाव आयोग का कड़ा निर्देश— बूथ अधिकारियों को न धमकाएं, न प्रभावित करें
