कर्नाटक में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर कांग्रेस के अंदर खींचतान तेज़ हो गई है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और मौजूदा सीएम सिद्धारमैया के बीच नेतृत्व को लेकर चर्चा लगातार चल रही है। इसी बीच डीके शिवकुमार ने सोनिया गांधी का नाम लेते हुए “त्याग” (बलिदान/कुर्बानी) का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने 2004 में प्रधानमंत्री बनने का मौका छोड़ दिया था, जो कांग्रेस के लिए बड़ा त्याग था। इस बयान का मतलब साफ़ संकेत माना जा रहा है कि वे पार्टी नेताओं को याद दिला रहे हैं कि सही समय पर सत्ता छोड़ना भी जीत जैसा होता है।
उनके इस बयान से राजनीति और गरमा गई क्योंकि लोग इसे सिद्धारमैया पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। कांग्रेस हाईकमान अभी तक खुलकर कुछ नहीं बोल रहा, लेकिन अंदरूनी बैठकों में चर्चा जारी है। आने वाले समय में पार्टी कोई बड़ा फैसला ले सकती है। यह ‘सीएम कुर्सी की जंग’ सिर्फ कर्नाटक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति का भी ध्यान खींच रही है।
