फिल्म ‘धुरंधर’ के बाद अब बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण एक नए विवाद में घिरती नजर आ रही हैं। मशहूर यूट्यूबर और सोशल एनालिस्ट ध्रुव राठी ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में स्किन लाइटनिंग ट्रीटमेंट और रंगभेद को लेकर सवाल उठाए। इस वीडियो में उन्होंने बिना सीधे नाम लिए दीपिका समेत कई बॉलीवुड सितारों की ओर इशारा किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई है।
ध्रुव राठी ने अपने वीडियो में कहा कि कई सेलिब्रिटीज समय के साथ अचानक पहले से ज्यादा गोरे नजर आने लगते हैं, जो प्राकृतिक बदलाव नहीं हो सकता। उन्होंने इसे कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट और स्किन लाइटनिंग प्रोसेस से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि क्या पब्लिक फिगर्स को इस तरह के बदलावों को लेकर ईमानदार नहीं होना चाहिए। वीडियो में दीपिका पादुकोण के पुराने और हालिया लुक की तुलना करते हुए यह संकेत दिया गया कि इंडस्ट्री में रंग को लेकर एक तयशुदा सुंदरता का पैमाना बना दिया गया है।
इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया है। एक वर्ग ध्रुव राठी का समर्थन करते हुए कह रहा है कि बॉलीवुड में कलरिज़्म एक सच्चाई है, जिस पर खुलकर बात होनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर दीपिका के फैंस ने इस दावे को बिना सबूत का आरोप बताते हुए इसे एक्ट्रेस की छवि खराब करने की कोशिश करार दिया है। कई यूजर्स का कहना है कि लाइटिंग, मेकअप और स्किन केयर रूटीन से भी व्यक्ति का लुक बदल सकता है।
अब तक दीपिका पादुकोण की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, इंडस्ट्री से जुड़े कुछ लोगों का कहना है कि स्किन ट्रीटमेंट निजी पसंद का मामला है और इसे लेकर किसी पर उंगली उठाना सही नहीं है। लेकिन यह बहस एक बार फिर बॉलीवुड में रंग, सुंदरता और सामाजिक दबाव जैसे मुद्दों को केंद्र में ले आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की चर्चाएं समाज पर गहरा असर डालती हैं, खासकर युवाओं पर। सेलिब्रिटीज का प्रभाव बहुत बड़ा होता है और ऐसे में सुंदरता के अवास्तविक मानक लोगों की मानसिकता को प्रभावित कर सकते हैं। ‘धुरंधर’ के बाद शुरू हुआ यह विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
