ग्रेटर नोएडा 12 जून स्वास्थ्य बीमा क्लेम से जुड़े एक मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनी को कड़ी फटकार लगाई है और शिकायतकर्ता महिला को मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि बीमा कंपनी द्वारा क्लेम को अस्वीकार करना गलत था।
यह मामला नोएडा की रहने वाली एक महिला का है, जिन्होंने 18 अप्रैल 2022 को 9177 रुपये की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदी थी। 22 सितंबर 2022 को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें नोएडा के एक निजी अस्पताल – प्रोमेहेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका इलाज 22 से 26 सितंबर 2022 तक चला, जिसमें कुल खर्च 43,000 रुपये हुआ।
महिला ने बीमा कंपनी से क्लेम मांगा, लेकिन कंपनी ने यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि बीमारी पहले से थी और बीमा पॉलिसी की शर्तों के अनुसार यह स्थिति भुगतान योग्य नहीं है।
मामला उपभोक्ता आयोग में पहुंचा , जहाँ जांच के बाद आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी का तर्क आधारहीन है और दावे को खारिज करना सही नहीं था। इसके चलते आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह परिवादिनी को 1,28,143 रुपये की राशि 6% वार्षिक ब्याज सहित 30 दिन के भीतर चुकाए। इसके साथ ही मानसिक उत्पीड़न के लिए 5,000 रुपये का अतिरिक्त हर्जाना भी देने का निर्देश दिया गया।
ये निर्णय आयोग के अध्यक्ष श्री अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य श्रीमती अंजु शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से दिया गया। यह फैसला उपभोक्ताओं के अधिकारों को मजबूती देने वाला माना जा रहा है और बीमा कंपनियों के लिए एक सख्त संदेश भी है।
