बेंगलुरु में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या ने लोगों को झकझोर दिया है। इस घटना के बाद उनके द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट और 90 मिनट के वीडियो ने कई मुद्दों को उजागर किया। उन्होंने अपने नोट में साफ तौर पर लिखा कि उन पर लगाए गए दहेज मांगने के आरोप झूठे और हास्यास्पद हैं।
आरोपों का खंडन
अतुल ने कहा कि जब वह खुद 40 से 80 लाख रुपये सालाना कमा रहे थे, तो दहेज मांगने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने अपनी पत्नी निकिता सिंघानिया और उनके परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया।
AI इंजीनियरिंग: सैलरी और करियर
एआई इंजीनियरिंग आज की सबसे उभरती हुई फील्ड में से एक है। यह क्षेत्र न केवल उच्च कमाई का वादा करता है बल्कि इसमें करियर ग्रोथ के भी कई मौके हैं:
1. मशीन लर्निंग इंजीनियर: मशीन लर्निंग मॉडल और एल्गोरिदम बनाने का काम करते हैं। उनकी औसत सैलरी 92 लाख रुपये सालाना तक हो सकती है।
2. एआई इंजीनियर: एआई सिस्टम्स को डिजाइन और लागू करने के साथ-साथ नए एआई मॉडल तैयार करते हैं। इनकी सैलरी 1 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
3. भारत में AI प्रोफेशनल्स की सैलरी:
एंट्री-लेवल: 6-12 लाख रुपये प्रति वर्ष।
2-4 साल का अनुभव: 20 लाख रुपये तक।
4-8 साल का अनुभव: 35-50 लाख रुपये।
10 साल से अधिक अनुभव: 1 करोड़ रुपये से अधिक।
अतुल और निकिता की कमाई
सुसाइड नोट से यह स्पष्ट होता है कि अतुल और उनकी पत्नी निकिता दोनों ही उच्च आय वाले AI इंजीनियर थे। उनकी आय इस क्षेत्र में संभावित कमाई की पुष्टि करती है।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य, रिश्तों में तनाव और करियर के दबाव जैसे मुद्दों पर चर्चा शुरू कर दी है।
