भारत और रूस की दोस्ती दशकों पुरानी है और समय-समय पर इसकी मजबूती दुनिया के सामने आती रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस संबंध को और प्रगाढ़ किया है। अब इसी तरह का रिश्ता पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच भी उभर रहा है। जिस तरह भारत-रूस की मित्रता जगजाहिर है, वैसे ही भारत-फ्रांस की दोस्ती भी अब सुर्खियां बटोर रही है।
फ्रांस में गर्मजोशी से स्वागत
पीएम मोदी के फ्रांस दौरे के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों ने जिस गर्मजोशी से उनकी मेजबानी की, उसने दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत किया। पेरिस में आयोजित एआई समिट के लिए पहुंचे मोदी का भव्य स्वागत हुआ, ठीक उसी तरह जैसे रूस में होता आया है। मैक्रों ने मोदी के सम्मान में न केवल औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किए बल्कि हर जगह उनके साथ साए की तरह नजर आए।
समय और सम्मान का विशेष संकेत
राजनीति में किसी नेता को दिया गया समय और सम्मान इस बात का संकेत होता है कि संबंध कितने घनिष्ठ हैं। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को विशेष महत्व दिया। दौरे के पहले दिन मैक्रों ने मोदी के साथ रात्रिभोज किया, जहां दोनों नेताओं ने अहम मुद्दों पर चर्चा की। अगले दिन ‘एआई एक्शन समिट’ में भी दोनों ने संयुक्त रूप से मंच साझा किया।
दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत-फ्रांस सीईओ फोरम का आयोजन भी किया गया। इस दोस्ती का सबसे खास पल तब आया जब मैक्रों और मोदी ने एक ही विमान से मार्सिले की यात्रा की और वहां भी फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री के लिए विशेष रात्रिभोज की मेजबानी की।
मैक्रों की आत्मीयता ने छोड़ी गहरी छाप
प्रधानमंत्री मोदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई नेताओं से सम्मान मिला है, लेकिन मैक्रों की आत्मीयता और अपनापन अलग ही स्तर पर नजर आया। वे इस यात्रा को लेकर काफी उत्साहित थे और उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि भारत और फ्रांस मिलकर ‘तकनीकी संप्रभुता’ की दिशा में काम करेंगे।
एक साक्षात्कार में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस दो महान शक्तियां हैं और उनके बीच विशेष संबंध हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देश अमेरिका और चीन के साथ काम करने को तैयार हैं, लेकिन किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहते। उन्होंने एआई और नई तकनीकों में भारत-फ्रांस की साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया।
यह दौरा यह साबित करता है कि जैसे रूस भारत का पुराना और भरोसेमंद दोस्त रहा है, वैसे ही फ्रांस के साथ भी अब ऐसा ही मजबूत रिश्ता बन रहा है। मैक्रों और मोदी की यह दोस्ती भविष्य में दोनों देशों के लिए नए अवसर लेकर आएगी।
