मलेशिया के गृह मंत्री सैफुद्दीन नासुशन इस्माइल ने सोशल मीडिया पर फैली उन अफवाहों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि विवादित इस्लामिक उपदेशक डॉ. जाकिर नाइक को मलेशियाई नागरिकता मिल गई है। सैफुद्दीन ने फ्री मलेशिया टुडे (FMT) से बातचीत में बताया कि यह फर्जी खबर है, जो छह साल पहले वायरल हुई थी और अब फिर से शेयर की जा रही है।
पुरानी तस्वीर से उड़ाई गई अफवाह
मलेशिया में सोशल मीडिया पर जाकिर नाइक की 2017 की एक तस्वीर वायरल हो रही थी, जिसमें उन्हें “पहलवान परकासा” पुरस्कार दिया जा रहा था। कुछ लोगों ने इस तस्वीर को आधार बनाकर दावा किया कि उन्हें मलेशियाई नागरिकता मिल चुकी है। लेकिन परकासा प्रमुख इब्राहिम अली ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ एक पुरस्कार था, जिसका नागरिकता से कोई संबंध नहीं है।
मलेशिया में स्थायी निवासी हैं जाकिर नाइक
इब्राहिम अली के मुताबिक, जाकिर नाइक केवल मलेशिया के स्थायी निवासी (Permanent Resident – PR) हैं और उन्होंने खुद कहा है कि वे मलेशियाई नागरिकता नहीं चाहते। वह भारत लौटने से पहले हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
2019 में बैन, अब दे सकते हैं भाषण
2019 में जाकिर नाइक को मलेशिया में सार्वजनिक रूप से भाषण देने से रोक दिया गया था, जब उन्होंने हिंदू और चीनी समुदायों को लेकर विवादास्पद बयान दिया था। हालांकि, 20 फरवरी 2025 को गृह मंत्री सैफुद्दीन ने साफ किया कि अब उन पर कोई भाषण प्रतिबंध नहीं है।
भारत को प्रत्यर्पण नहीं करेगा मलेशिया
जाकिर नाइक पर भारत में मनी लॉन्ड्रिंग और नफरत फैलाने के आरोप हैं, और भारतीय जांच एजेंसियां 2016 से उनकी तलाश कर रही हैं। लेकिन मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम पहले ही कह चुके हैं कि जब तक नाइक कोई समस्या पैदा नहीं करते, उन्हें भारत नहीं भेजा जाएगा।
