ग्रेटर नोएडा में इस बार हर घर तिरंगा कि तैयारी जोरों पर है। जिलों के विभन्न विभागों मे 13 से 15 अगस्त तक तिरंगा यात्रा और अन्य देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में तिरंगों की जरूरत पड़ेगी, और इसी आवश्यकता ने जिले की महिलाओं के लिए स्वरोजगार का एक सुनहरा अवसर पैदा किया है। जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश के ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत एनआरएलएम संचालित से 17 महिला स्वयं सहायता समूहों की 82 महिलाओं को कुल एक लाख तिरंगा बनाने का आर्डर मिला है। ये तिरंगे अलग-अलग विभागों के आयोजनों में इस्तेमाल होंगे। तिरंगों के निर्माण का कार्य तेज़ी से चल रहा है, और अब तक महिलाएं 70 हजार तिरंगे तैयार कर चुकी हैं। इन महिलाओं को प्रति तिरंगा 20 रुपये के भाव से मिलेगा। इस तरह पूरे ऑर्डर को पूरा करने पर महिलाओं की कुल आमदनी लगभग 20 लाख रुपये होगी। जिससे आय सीधे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद करेगी। इसके अलावा, इस कार्य से महिलाओं में आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास के बल को बढावा मिलेगा। सहायता समूहों की महिलाएं ने खुद ही कपड़े की कटिंग, सिलाई और रंगाई का काम पूरी निपुणता के साथ कर रही हैं। तिरंगों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और नियमों का पूरी तरह पालन हो सके। यह पहल न केवल हर घर तिरंगा कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दे रही है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए आजीविका का महत्वपूर्ण साधन भी बन रही है। इससे यह संदेश भी जाता है कि यदि अवसर दिया जाए तो महिलाएं किसी भी कार्य में पीछे नहीं हैं। इस तरह का काम महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ-साथ समाज में उनकी भूमिका को और अधिक सक्रिय बनाता है। तिरंगे बनाने का यह कार्य महिलाओं के लिए एक तरह से देशभक्ति और स्वरोजगार का संगम बन गया है, जो आने वाले समय में भी प्रेरणादायक उदाहरण रहेगा महिलाओं में।
स्वरोजगार और देशभक्ति का संगम,ग्रेटर नोएडा की 82 महिलाएं बना रहीं 1 लाख तिरंगे
