गौतमबुद्धनगर, 7 सितंबर। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से जिले के कई परिवार प्रभावित हुए हैं। इन परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शरणालयों में ठहराने और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। रविवार को जिलाधिकारी मेधा रूपम ने प्रभावित क्षेत्रों और शरणालयों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सबसे पहले वह सेक्टर-135 में बनाए गए शरणालय पहुंचीं। यहां उन्होंने भोजन, पानी, स्वच्छता, शौचालय और चिकित्सा सुविधाओं को जांचा। जिलाधिकारी ने प्रभावित परिवारों से सीधे बातचीत की। परिवारों ने व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। बच्चों के लिए चल रही अस्थायी पाठशाला में भी वह पहुंचीं और बच्चों से सवाल-जवाब कर उन्हें पढ़ाई का सामान दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों की पढ़ाई किसी भी हाल में न रुके। साथ ही महिलाओं को सेनेटरी पैड वितरित किए गए और स्वास्थ्य टीम को रोजाना जांच करने का आदेश दिया गया।
इसके बाद जिलाधिकारी ने सेक्टर-135 में बनी अस्थायी गौशाला का निरीक्षण किया। वहां चारा, पानी, पशु चिकित्सा और स्वच्छता की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सेक्टर-150 पुस्ता रोड भी गईं। यहां उन्होंने नदी किनारे असुरक्षित टेंटों में रह रहे लोगों को सुरक्षित शरणालयों में जाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि शरणालयों में भोजन, पानी, दवाइयां और रहने की सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे परिवारों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी परिवार को असुविधा न हो और हर व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने साफ कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस मौके पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार, उप जिलाधिकारी सदर आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार प्रतीक चौहान सहित स्वास्थ्य विभाग, पूर्ति विभाग और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
