चक्रवाती तूफान दित्वा (Cyclone Ditwah) ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश की वजह से अब तक 123 लोगों की जान जा चुकी है, कई घर, सड़कें और बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। राहत टीमों ने बचाव अभियान चलाया, लेकिन खराब मौसम के कारण मुश्किलें बढ़ गईं। अब यह तूफान धीरे-धीरे भारत की दक्षिणी तटीय दिशा की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिससे मछुआरों और तट के पास रहने वाले लोगों को ज्यादा खतरा है। चेन्नई, नागपट्टिनम, कुड्डालोर जैसे जिलों में अलर्ट बढ़ा दिया गया है। प्रशासन ने तट के नज़दीक बसे लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगह जाने को कहा है। स्कूल-कॉलेज कुछ इलाकों में बंद किए जा सकते हैं और उड़ानों (flights) पर भी असर पड़ सकता है। राहत केन्द्र तैयार किए गए हैं ताकि लोगों को सुरक्षित रखा जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 24-48 घंटे महत्वपूर्ण हैं, इसलिए मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखना जरूरी है। सरकार और स्थानीय प्रशासन लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे समुद्र किनारे जाने से बचें, सुरक्षित रहें और आपात स्थिति में हेल्पलाइन की मदद लें।
चक्रवात दित्वा ने श्रीलंका में ली 123 जानें, अब भारत के दक्षिणी तट पर भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
