लखनऊ/कानपुर, 6 जुलाई 2025:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की औद्योगिक नीतियों और पारदर्शी प्रशासनिक दृष्टिकोण के चलते उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPCIDA) ने नया मुकाम हासिल किया है। 2021 की तुलना में अब तक तीन गुना राजस्व वृद्धि, हज़ारों रोजगार और राष्ट्रव्यापी निवेशकों का भरोसा इस बात का प्रमाण हैं कि यूपी अब केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारत का नया औद्योगिक इंजन बन चुका है।
2024-25: ₹1,937 करोड़ अनुमानित राजस्व
2023-24 में ₹1,898 करोड़ का राजस्व और 2024-25 के लिए ₹1,937 करोड़ का टारगेट—2021-22 के मुकाबले 300% ग्रोथ।
1,600+ भूखंड आवंटन, निवेश को बूस्ट
तीन सालों में 1,600 से अधिक औद्योगिक भूखंड सफलतापूर्वक आवंटित—सिर्फ FY 2024-25 में 798 भूखंड दिए गए।
2 से बढ़ाकर 42 डिजिटल सेवाएं
‘निवेश मित्र’ पोर्टल, ई-नीलामी, ऑनलाइन भुगतान, शिकायत समाधान जैसी 42 ऑनलाइन सेवाओं के तहत अब तक 31,000+ आवेदन, जिनमें से 96% का निस्तारण।
₹6,190 करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर बजट
2025-26 के लिए पारित बजट में स्मार्ट रोड्स, पेयजल, सीवरेज, और 24×7 पावर जैसी सेवाओं के लिए बड़ा निवेश।
प्रशासनिक खर्च में 9% की कटौती
‘कम खर्च, ज़्यादा परिणाम‘ नीति के तहत योगी सरकार ने 9% एडमिनिस्ट्रेटिव कटौती कर विकास पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित किया।
महिला सशक्तिकरण की पहल
पिंक टॉयलेट, महिला डॉरमेट्री, हेल्पडेस्क से लेकर AIIM के तहत महिलाओं के लिए स्किल ट्रेनिंग और हेल्थ फैसिलिटीज का विस्तार।
हरित औद्योगिक विकास
UPCIDA द्वारा ग्रीन बेल्ट, वेस्ट मैनेजमेंट, और प्रदूषण नियंत्रण उपायों से इको-इंडस्ट्रियल बैलेंस को बढ़ावा।
मेगा प्रोजेक्ट: ₹700 करोड़ निवेश, 4,800 रोजगार
मई 2025 की मेगा अलॉटमेंट योजना के तहत 113 भूखंडों से 700 करोड़ का निवेश और 4,800+ नई नौकरियाँ सृजित होंगी।
